एक बच्चे का नाम राहुल था। वह बहुत ही उत्साही और सहज बालक था। राहुल के पास एक पुरानी और प्यारी गाड़ी थी, जो उसके दादा जी ने उसे दी थी। गाड़ी के साथ, राहुल हर रोज़ अपने गाँव के चारों ओर घूमने जाता था। एक दिन, राहुल ने अपने दोस्तों के साथ एक बड़े पेड़ के नीचे बनी छोटी सी झोली में पिकनिक के लिए खाना ले कर गाड़ी पर सफ़र किया। लेकिन उनका सफ़र अचानक ही बड़े जंगल में ले गया, और गाड़ी फँस गई। राहुल और उसके दोस्तों को डर लगने लगा, क्योंकि उन्हें लगा कि अब वे कभी अपने गाँव वापस नहीं जा पाएंगे। लेकिन राहुल ने हार नहीं मानी। उसने अपने दोस्तों को साहस और संयम दिखाया और साथ मिलकर गाड़ी को निकाला। वे लंबे समय तक मिलकर काम किए और अपनी गाड़ी को निकालने में सफल रहे। राहुल ने सभी को दिखाया कि अगर उनमें विश्वास है और वे मेहनत से काम करते हैं, तो वे किसी भी मुश्किल का सामना कर सकते हैं। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि सहयोग, साहस और मेहनत हमें किसी भी मुश्किल को पार करने में सफल बना सकती है। चाहे जितना भी कठिन हो, हमें कभी भी अपने सपनों के पीछे हार नहीं मानना चाहिए। . . . . . . . . . . . . . . . . . . ....
Ghoomar Hindi Lyrics घूमर रमवाने आप पधारो सा.. आवो जी आवो जी घूमार्दी खेलबा ने पधारो सा घूमार्दी खेलबा ने बालम थारो गुरर गुरर गुरावे आज म्हारो जिवड़ो घनो हिच्कावे ओ घबरावे मन में भावे म्हारो बदिलो भंवर मन भावे चमक चम बाजे पायल बाजे बैसा खेले.. छमक छमक घुंघरा बाजे आओ सा घूमार्दी खेलबा ने आओ सा घूमार्दी खेलबा ने कनक प्रीत की सर पे ओढ़ कर घूमर घूमर घूमे हाँ घूमर घूमर घूमे ओ.. रलक रीत सब जग की छोड़ कर घूमर घूमर घूमे भरके ढोला वाले ठाठ घूमर घूमर घूमर घूमर घूमर घूमे रे घूमर घूमर घूमे रे बैसा घूमर घूमे रे म्हारी सारी काय बोले ढोला जी की छाया हौले मन का घूमर जब भी डोले https://www.youtube.com/watch?v=8skYpp-dCz8 सूनेपन में मेला करके ढोल वाले ठाठ घूमर घूमर घूमर घूमर घूमर घूमे रे घूमर घूमर घूमे रे बैसा घूमर घूमे रे थारे एहसासों की रौनक है म्हारी दिवाली मन महल की सारी दीवारें थारे रंग रंगवा ली पाके थारा साया तन है जगमगाया तारो भारी हो गयी म्हारी सारी काली रात भरके ढोलां वाले ठाठ घूमर घूमर घूमर घूमर घूमर घूमे रे https://www.youtube.com/watch?v=8skYpp-dCz8 घूमर घूमर घूमे रे बैसा घूमर घूमे रे आवो जी आव...