एक बच्चे का नाम राहुल था। वह बहुत ही उत्साही और सहज बालक था। राहुल के पास एक पुरानी और प्यारी गाड़ी थी, जो उसके दादा जी ने उसे दी थी। गाड़ी के साथ, राहुल हर रोज़ अपने गाँव के चारों ओर घूमने जाता था। एक दिन, राहुल ने अपने दोस्तों के साथ एक बड़े पेड़ के नीचे बनी छोटी सी झोली में पिकनिक के लिए खाना ले कर गाड़ी पर सफ़र किया। लेकिन उनका सफ़र अचानक ही बड़े जंगल में ले गया, और गाड़ी फँस गई। राहुल और उसके दोस्तों को डर लगने लगा, क्योंकि उन्हें लगा कि अब वे कभी अपने गाँव वापस नहीं जा पाएंगे। लेकिन राहुल ने हार नहीं मानी। उसने अपने दोस्तों को साहस और संयम दिखाया और साथ मिलकर गाड़ी को निकाला। वे लंबे समय तक मिलकर काम किए और अपनी गाड़ी को निकालने में सफल रहे। राहुल ने सभी को दिखाया कि अगर उनमें विश्वास है और वे मेहनत से काम करते हैं, तो वे किसी भी मुश्किल का सामना कर सकते हैं। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि सहयोग, साहस और मेहनत हमें किसी भी मुश्किल को पार करने में सफल बना सकती है। चाहे जितना भी कठिन हो, हमें कभी भी अपने सपनों के पीछे हार नहीं मानना चाहिए। . . . . . . . . . . . . . . . . . . ....
Poem on Girl Child in Hindi बेटियाँ अनमोल होती है, और जो किस्मत वाले होते है, ईश्वर उन्ही को बेटी रूपी धन देते है। बेटियाँ तीन कुलों को सवांरती है। ये बेटियाँ ही भविष्य की नारियाँ है जो धरती पर जीवन का निर्माण करती है। इतना कुछ होने के बावजूद भी हमारे समाज में इतनी कुरुतिया विद्यमान है कि लोग बेटी होने में खुशी नही मनाते है, उस नन्ही कली को खिलने ही नही देते है। जन्म से पहले ही उसका अस्तित्व खत्म कर देते है। अगर ऐसा इसी तरह होता रहा तो एक दिन इस धरती पर मनुष्य का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। आइए हम इस मानसिकता को बदले और समाज में परिवर्तन लाए जिससे धरती पर हमारा अस्तित्व बना रहे। बेटियों के प्रति अपनी मानसिकताओं को बदले जिससे यह नन्ही कलियाँ फूल बनकर खिल सके और आपके प्रेम के आंगन को अपनी कामयाबी से महका सके। इसी मानसिकता को बदलने के लिए आज हम आपके समक्ष, Poem on Girl Child in Hindi प्रस्तुत करते है। नन्ही कलियाँ नन्ही-नन्ही कलियाँ है हम, जीवन की इस बगिया की। छोटी-छोटी परियाँ है हम, आसमान की दुनिया की। मत तोड़ो डाली से हमको, फूलों सा खिल जाने दो। सुन्दर सी अपनी बगिया को, खुश...